Haryana Budget 2018 Highlights: जानें हरियाणा बजट 2018 की मुख्य बातें

Haryana Budget 2018 Highlights: जानें हरियाणा बजट 2018 की मुख्य बातें

Haryana Budget 2018 Highlights: जानें हरियाणा बजट 2018 की मुख्य बातें

Haryana Budget 2018 Highlights: हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए राज्य सरकार का चौथा बजट पेश कर दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद राज्य का यह पहला बजट है। कैप्टन अभिमन्यु ने 1 लाख 15 हजार 198 करोड़ रुपये का बजट पेश किया । हरियाणा का साल 2018-19 का बजट बीते साल के बजट की तुलना में 12.6 फीसदी अधिक है और संशोधित बजट अनुमान से 14.4 फीसदी अधिक है । बजट में किसी भी तरह का नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इंडस्ट्री के लिए इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक गैस पर 12.5 फीसदी टैक्स घटाकर 6 फीसदी कर दिया है।

Haryana Budget 2018 Highlights: जानें हरियाणा बजट 2018 की मुख्य बातें

Haryana Budget 2018: प्रदेश में सार्वजनिक उपक्रमों के घाटे में कमी आई है। अब 13 के मुकाबले घाटे के उपक्रम 8 रह गए हैं।

हरियाणा की विकास दर 8.0 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की संभावना है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि 54 मंडियों को ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा। हरियाणा कृषि व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण नीति 2018 पर का चल रहा है। सरकार का उद्देश्य 3500 करोड़ निवेश आकर्षित करना व 20 हजार नए रोजगार पैदा करना है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये का है और इसमें 44,911.16 करोड़ रुपये की राशि उन योजनाओं के लिए आवंटित की गई है, जिनसे प्रदेश में उचित समय में 15 सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। हरियाणा शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए हर महीने 100 घंटे का वैतनिक कार्य सुनिश्चित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

वर्ष 2016-17 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 2.92 प्रतिशत से गिरकर 2017-18 में 1.80 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह संशोधित अनुमान 2017-18 में 1.35 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इसे सकल राज्य घरेलू उत्पाद के लगभग 1.20 प्रतिशत तक नीचे लाने का अनुमान है और वर्ष 2019-20 के अंत तक लक्ष्य इसे न्य के निकट लाने का है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक उपक्रमों के घाटे में कमी आई है। अब 13 के मुकाबले घाटे के उपक्रम 8 रह गए हैं।

 

बजट भाषण की मुख्य बातें ~ हरियाणा बजट 2018 एग्रीकल्चर और हेल्थ पर रहा फोकस

Haryana Budget 2018 Highlights: जानें हरियाणा बजट 2018 की मुख्य बातें

  1. साल 2017-18 में अग्रिम अनुमानों के अनुसार हरियाणा के सकल राज्य घरेलू उत्पाद द्वारा 8.0 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की संभावना है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 6.6 प्रतिशत दर्ज की गई है.
  2. जीएसवीए के संयोजन ने सेवा क्षेत्र में ढांचागत परिवर्तन दर्शाया है, जोकि विकसित और परिपक्व अर्थव्यवस्था का संकेत है. स्थिर मूल्यों पर तृतीयक क्षेत्र का हिस्सा वर्ष 2014-15 में 49.4 फीसदी से बढ़कर वर्ष 2017-18 में 50.9 फीसदी हो गया.
  3. गत तीन वर्षों के दौरान द्वितीयक क्षेत्र का हिस्सा 31 से 32 फीसदी के आसपास अधिक या कम स्थिर रहा है. राष्ट्रीय स्तर पर सेवा क्षेत्र का हिस्सा वर्ष 2014-15 के 52.4 फीसदी से बढ़कर वर्ष 2017-18 में 54.2 फीसदी हो गया. प्राथमिक क्षेत्र का हिस्सा वर्ष 2014-15 के 19.5 फीसदी से कम होकर वर्ष 2017-18 में 18.0 फीसदी रह गया और इसी अवधि के दौरान, द्वितीयक क्षेत्र का हिस्सा 28.1 फीसदी से कम होकर 27.8 फीसदी रह गया.
  4. साल 2016-17 में वर्तमान मूल्यों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,78,890 रुपये अनुमानित थी. जोकि साल 2017-18 में 1,12,764 रुपये के अखिल भारतीय आंकड़े की तुलना में बढ़कर 1,96,982 रुपये रहने की संभावना है, जोकि देशभर में सर्वाधिक में से एक है.
  5. वर्ष 2016-17 में यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद के संशोधित बजट अनुमान 2017-18 में 1.35 फीसदी तक कम होने की संभावना है. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद के लगभग 1.20 फीसदी तक नीचे लाने का है और वर्ष 2019-20 के अंत तक इसे शून्य के निकट लाने का लक्ष्य है.
  6. प्रभावी राजस्व घाटा वर्ष 2016-17 में 2.81 फीसदी की तुलना में बजट अनुमान 2017-18 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 1.19 फीसदी था. संशोधित अनुमान 2017-18 में इसके राज्य सकल घरेलू उत्पाद का मात्र 0.52 फीसदी रहने की संभावना है. वर्ष 2018-19 में भी, सकल राज्य घरेलू उत्पाद के मात्र 0.39 फीसदी के संभावित प्रभावी राजस्व घाटे के साथ यही रुझान रहने की संभावना है.
  7. आगामी वर्ष 2018-19 के लिए, यह राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 2.51 फीसदी (उदय के बिना) और 2.82 फीसदी (उदय के साथ) रहने की संभावना है.
  8. ऋण और राज्य घरेलू सकल उत्पाद का अनुपात वर्ष 2018-19 में उदय के बिना 19.66 फीसदी और उदय के साथ 23.44 फीसदी अनुमानित है.

 

हरियाणा बजट 2018 की महत्वपूर्ण घोषणाएं

हरियाणा सरकार के बजट में बिजली विभाग के लिए 15,372 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके साथ ही कृषि और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों के लिए 4097 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों और गांव की जनता को लुभाने के लिए हरियाणा सरकार ने बजट में करीब 4300 करोड़ रुपये की राशि को ग्राम एवं सामुदायिक विकास के लिए आवंटित किया है। इसके अलावा सिंचाई और जल संसाधनो के विकास के लिए करीब 3222 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। इन प्रावधानों के अलावा सरकार ने गुरुग्राम में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना कराने की भी घोषणा की है।

Haryana Budget 2018 Highlights: जानें हरियाणा बजट 2018 की मुख्य बातें

एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए घोषणाएं

सरकार ने कृषि को लाभकारी बनाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा किसान परिवारों और भूमिहीन श्रमिकों के शारीरिक, वित्तीय और मनोवैज्ञानिक दवाब को कम करने के लिए उपाय करने हेतु ‘हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में एक विधेयक इस सदन के चालू सत्र में लाए जाने की सम्भावना है।

 

सेक्स्ड सीमन की तकनीकी के विकास का ऐलान
राज्य में आवारा मवेशियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने इस बजट में सेक्स्ड सीमन की तकनीकी के विकास का ऐलान किया है। इस तकनीकी के जरिये राज्य में गायों के प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा, जिससे कि दुग्ध उत्पादन के विकास में मदद मिल सकेगी।
आवारा बैलों की समस्या से निपटने के साथ-साथ मादा पशुओं की संख्या में वृद्धि करके दूध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों में, सरकार का वर्ष 2018-19 में बड़े पैमाने पर सेक्सड सीमन टैक्नोलोजी अपनाने का प्रस्ताव है। इस तकनीक के तहत गाय के 90 प्रतिशत से अधिक बछिया पैदा होंगे। 

 

अम्बाला में बनेगा पशुधन विकास डिप्लोमा कॉलेज

पशु चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्विद्यालय, हिसार के तहत एक पशु चिकित्सा पशुधन विकास डिप्लोमा कॉलेज लखनौर साहिब, अम्बाला में स्थापित किया जाएगा।

 

15,000 हैक्टेयर क्षेत्र में लगाए जाएंगे पेड़
 वर्ष 2018-19 के दौरान लगभग 15,000 हैक्टेयर क्षेत्र में वनीकरण किया जाएगा।

 

एसवाईएल योजना के लिए 100 करोड़ किए आवंटित

एसवाईएल परिजयोजना के लिए वर्ष 2018-19 में के लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। बजट के दौरान फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि अगर एसवाईएल योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपए की जरूरत होगी तो वह भी सरकार देगी।

 

हेल्थ सेक्टर के लिए घोषणाएं

स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के लिए 4769 करोड़ रुपये आवंटित

बजट में स्किल डिवेलपमेंट के लिए 657.94, स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के लिए 4769 करोड़, गैर परंपरागत ऊर्जा के लिए 112.85 करोड़ और नागरिक उड्डयन विभाग के लिए 201 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

हेमोडायलिसिस सेवाएं 7 नागरिक अस्पतालों (पंचकूला, गुरुग्राम, जींद, फरीदाबाद, सिरसा, हिसार और अम्बाला छावनी) में शुरू की जाएगी। इसके अलावा ये जल्द ही अन्य जिलों के नागरिक अस्पतालों में शुरू की जाएगी।

 

फरीदाबाद और गुड़गांव में ह्दय चिकित्सा सुविधा
 फरीदाबाद और गुड़गांव में हृदय चिकित्सा सेवाएं अर्थात कार्डियक कैथ लैब और कार्डियक केयर यूनिट्स और एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी जैसी सेवाएं तथा 20 बिस्तरों वाली कार्डियक केयर यूनिट्स शुरू किए जाने की योजना है।

 

महेंद्रगढ़ और गुड़गांव में मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव
 महेन्द्रगढ़ में एक चिकित्सा महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव है। वहीं नगर निगम गुड़गांव और श्री माता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड, गुड़गांव के सहयोग से गुड़गांव में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।

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2 Comments

  1. RANVIR Singh
  2. pooja

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