Performance of Haryana in 18th Asian Games

हरियाणवी खिलाड़ियों ने रचा इतिहास ,18वें एशियाड गेम्स में जीते कई मेडल – Performance of Haryana in 18th Asian Games

Performance of Haryana in 18th Asian Games

एशियाई खेल – Asian Games

एशियाई खेलों को एशियाड के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रत्येक चार वर्ष बाद आयोजित होने वाली बहु-खेल प्रतियोगिता है जिसमें केवल एशिया के विभिन्न देशों के खिलाडी भाग लेते हैं।

इन खेलों का नियामन एशियाई ओलम्पिक परिषद द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक परिषद के पर्यवेक्षण में किया जाता है। प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान के लिए स्वर्ण, दूसरे के लिए रजत और तीसरे के लिए कांस्य पदक दिए जाते हैं, जिस परम्परा का शुभारम्भ 1951 में हुआ था। प्रथम एशियाई खेलों का आयोजन दिल्ली, भारत में किया गया था, जिसने 1982 में पुनः इन खेलों की मेज़बानी की।

एशियाई खेलों के नवीनतम संस्करण का आयोजन 2018 में इण्डोनेशिया के जकार्ता तथा पालेमबांग नगरों में सम्पन्न हुए। अगला संस्करण 2022 में होगा जो चीन के हांगझोऊ नगर द्वारा आयोजित किया जायेगा।

  • 2022:- 1 9वीं एशियाई खेलों हांग्जो, चीन में होने वाली है।
  • 2014:- एशियन खेल इचियन, दक्षिण कोरिया में आयोजित किये गये थे ।

इज़राइल समेत छत्तीस देशों ने एशियाई खेलों में भाग लिया है, जिसे 1974 में पिछली भागीदारी के बाद खेलों से बाहर रखा गया था।

18 वें एशियाई खेलों को जकार्ता-पालेम्बैंग 2018 के नाम से भी जाना जाता है जो की 18 अगस्त से 2 सितंबर 2018 तक आयोजित किये गये। इंडोनेशिया को 1962 के बाद दूसरी बार मेजबानी दी गयी है । एशियाई खेलों को दो शहरों में सह-होस्ट किया जा रहा है; जकार्ता (इंडोनेशियाई राजधानी) और पालेम्बैंग (दक्षिण सुमात्रा प्रांत की राजधानी)।

इंडोनेशिया में एक पक्षी की दुर्लभ प्रजातियां सेंडरवासिह को 2018 एशियाई खेलों के प्रतीक के रूप में चुना गया था। लेकिन बाद में इसे छोड़ दिया गया और तीन नए शुभंकरों का अनावरण किया गया।


सिद्धांत   शुभंकर
“एशिया की ऊर्जा”
  1. भिन भिन – स्वर्ग का एक बड़ा पक्षी
  2. अतंग – एक बावन हिरण
  3. काका – एक जावन rhinoceros
  1. मास्कॉट भिन भिन, अतंग और काका इंडोनेशिया के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों और क्रमशः रणनीति, गति और ताकत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  2. 18 वें एशियाई खेलों में 45 देशों ने भाग लिया है। 40 खेलों में 465 कार्यक्रम हैं। खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह जकार्ता में गेलोरा बंग कर्णो मुख्य स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
  3. लूसिया फ्रांसिसका सूसी सुसांति एक सेवानिवृत्त इंडोनेशियाई बैडमिंटन खिलाड़ी है जिसने 18 वें एशियाई खेलों में मशाल की रोशनी ली।
  4. एशियाई खेलों 2018 में पहली बार sport of bridge को पेश किया गया है।
  5. 2018 एशियाई खेलों का समापन समारोह 2 सितंबर, 2018 को जकार्ता में गेलोरा बंग कर्णो मुख्य स्टेडियम में आयोजित किया गया था। 
  6. चीन ने लगातार 10 वीं बार पदक तालिका का नेतृत्व किया।
  7. Japanese तैराक Rikako Ikee 2018 एशियाई खेलों के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (एमवीपी) के रूप में घोषित किया गया था।
  8. 2018 एशियाई गेमस के दौरान 6 वर्ल्ड, 18 एशियाई और 86 एशियाई खेलों के रिकॉर्ड टूट गए थे।

भारत ने 36 खेलों में 572 प्रतिभागीओं के साथ भाग लिया। यह एशियाई गेम में भारत की 18 वीं उपस्थिति है।

  • खेल के उद्घाटन समारोह में भारत के लिए भालेदार नीरज चोपड़ा ध्वजवाहक थे।
  • भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक थी।

भारत ने 69 पदको (15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कांस्य पदक) के साथ 8वें स्थान पर एशियाई खेलों के 18 वें सत्र को सम्पन्न किया जो की किसी भी  एशियाई खेलों में जीते गये पदकों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2010 में गुआंगज़ौ, चीन में एशियाई खेलों में 65 पदक अभी तक का भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

एशियन गेम्स में हरियाणवी खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, जीते 17 पदक – Haryana’s Medal Tally in 18th Asian Games

एशियन खेलों में देश के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए कुल पदकों के लगभग 25 प्रतिशत पदक राज्य के खिलाड़ियों ने जीते हैं। इन खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक जीत कर देश में अव्वल स्थान प्राप्त किया है।

राज्य के कुल 84 खिलाड़ी एशियन खेलों में भाग लेने के लिए जकार्ता पहुंचे थे, जिनमें कुल 26 खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए हैं।

देश के खिलाड़ियों ने एशियन खेलों में 15 स्वर्ण, 24 रजत व 30 कांस्य पदक सहित कुल 69 पदक जीते है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने इन खेलों में 5 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक व 7 कांस्य पदक हासिल किए हैं। इनमें एकल खिलाड़ियों के तौर पर जीन्द के मनजीत सिंह ने 800 मीटर व पानीपत के नीरज चौपड़ा ने जवेलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीते हैं। इसी प्रकार रोहतक के अमित ने बॉक्सिंग, झज्जर के बजरंग पूनिया व चरखी दादरी की विनेश फोगाट ने कुश्ती में स्वर्ण पदक हासिल किए है। खेल मंत्री ने बताया कि जीन्द के लक्ष्य श्योराण व यमुनानगर के संजीव राजपूत ने शूटिंग में रजत पदक जीते है। इसी प्रकार सोनीपत की सीमा पुनिया ने महिला डिस्कश थ्रो, भिवानी के विकास कृष्ण ने बॉक्सिंग, झज्जर के दुष्यंत ने रोइंग व पानीपत के अभिशेष वर्मा ने शूटिंग में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा 3 टीमों ने रजत पदक जीते हैं, जिनमें घुड़स्वारी, महिला हॉकी व महिला कबड्डी की टीमें शामिल हैं। इसी प्रकार पुरुष वर्ग की कबड्डी, हॉकी व रोइंग सहित 3 टीमों ने कांस्य पदक जीतने में सफलता प्राप्त की है। इन खेलों में जहां एकल मुकाबलों में 9 पुरुष व 2 महिलाओं ने पदक हासिल किए हैं। वहीं टीम प्रतियोगिताओं में 6 पुरुष व 9 महिलाएं शामिल थी। इस प्रकार इन खेलों में कुल 15 पुरुषों व 11 महिलाओं ने एकल या टीम के सदस्य के तौर पदक जीतने में सफलता प्राप्त की है।

हरियाणा के वे खिलाडी जिन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन कर इस एशियन गेम्स को भारत का सर्वश्रेष्ठ एशियाई गेम्स बना दिया उनके नाम इस प्रकार हैं (Performance of Haryana in 18th Asian Games) –

Wrestling (कुश्ती) :-

1.) बजरंग पुनिया

19 अगस्त 2018 को, हरियाणा के 24 वर्षीय रेसलर बजरंग पुणिया ने पुरुषों के 65 किलो फ्रीस्टाइल में जापान के ताकाटानी दाइची को हराकर 18 वें एशियाई खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते – सीडब्ल्यूजी (गोल्ड कोस्ट), तबीलिसी ग्रांड प्रिक्स (जॉर्जिया) और यासर डोगू इंटरनेशनल (इस्तांबुल)। उन्होंने एशियाई खेलों 2014 में रजत पदक जीता था।

 

2. विनेश फोगट

20 अगस्त 2018 को, हरियाणा के दादरी के गांव बलाली की विनेश फोगत ने एशियाई खेलों 2018 में 50 किग्रा वर्ग में जापान की युकी आईरी को हराया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। उन्होंने गोल्ड कोस्ट में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीता । उन्होंने 2014 में इंचियन में महिला फ्रीस्टाइल 48 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता

 

Shooting (शूटिंग):-

लक्ष्य श्योराण

19 वर्षीय लक्ष्य श्योराण जींद के रहने वाले हैं और इस बार एशियाई खेलों में लक्ष्य ने रजत पदक जीता है। लक्ष्य के पिता सोमबीर पहलवान अपनी दुपहिया वाहनों की एजेंसी चलाते हैं ।

अभिषेक वर्मा

पलवल के अभिषेक वर्मा ने देश को दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीत कर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया।

संजीव राजपूत

जगाधरी में 5 जनवरी 1981 को जन्मे निशानेबाज संजीव राजपूत ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल-3 पोजीशन में रजत पदक हासिल किया ।18 साल की उम्र में नाविक के रूप में भारतीय भारतीय नौसेना को ज्वाइन किया था। 2018 एशिया खेलों में 50 मीटर राइफल 3 स्थितियां वर्ग में रजत पदक जीता ।

 

ज्वेलिन थ्रो

नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा पानीपत के गांव खंडरा के रहने वाले हैं । उनके पिता सतीश किसान हैं व माता जी का नाम सरोज है ।

नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय भालेदार फेंकने वाले हैं। उन्होंने जकार्ता, इंडोनेशिया में 88.06 मीटर तक राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। इससे पहले एशियाई खेलों के इतिहास में भाले फेंकने में भारत का एकमात्र पदक 1982 में गुरटेज सिंह ने कांस्य पदक जीता था । उन्होंने एक विश्व जूनियर रिकॉर्ड भी स्थापित किया। मिल्खा सिंह के बाद नीरज चोपड़ा एक ही वर्ष में एथलेटिक्स में राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरा भारतीय भी बने।

 

स्पर्धा:-

मनजीत सिंह चहल

 दसवें दिन जीन्द के मनजीत सिंह ने 1: 46.15 मिनट में दौड़ खत्म करके पुरुषों की 800 मीटर की स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और जिन्सन जॉनसन ने इसी आयोजन में रजत पदक जीता। इससे पहले, भारतीय एथलीट रणजीत सिंह और कुलवंत सिंह ने 1951 के दौरान नई दिल्ली में आयोजित प्रथम एशियाई गेमस में स्वर्ण और रजत जीता था । मंजीत सिंह अपनी जीत में पिता रणधीर सिंह चहल का हाथ मानते हैं।

मनजीत सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर की स्पर्धा में 3: 46.57 सेकेंड के साथ चौथा स्थान हासिल किया । इसी स्पर्धा में केरल के जिन्सन जॉनसन ने 3: 44.72 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता।

 

Triple jump ट्रिपल जम्प

अरपिंदर सिंह

अरपिंदर मूलरूप से अमृतसर से हैं लेकिन खेले हमेशा से ही हरियाणा की तरफ से।पंजाब में खेलों की सुख सुविधाएं ना मिलने पर हरियाणा में रहने लगे।चार सालों से ही हरियाणा की तरफ से खेलते आ रहे है अरपिंदर के पिता जगबीर सिंह खेती-बाड़ी करते हैं।

पंजाब के अरपिंदर सिंह ने अपने तीसरे प्रयास में 16.77 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और पुरुषों की ट्रिपल जंप इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। यह मोहिंदर सिंह गिल के 1970 में स्वर्ण पदक जेतने जीतने के 48 साल बाद दूसरा ट्रिपल जंप स्वर्ण पदक है ।

 

Boxing (मुक्केबाज़ी):-

अमित पंघाल

भारतीय सेना में नौकरी करने वाले 22 वर्षीय बॉक्सर अमित पंघाल रोहतक के गांव मायना के रहने वाले है। इनका जन्म 16 अक्तूबर 1995 में हुआ।अमित पंघाल के पिता विजेंदर सिंह पेशे से किसान हैं।

22 साल की उम्र में भारतीय सेना के जांबाज बॉक्सर अमित पंघाल ने एशियन गेम्स 2018 में पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले आठवें भारतीय मुक्केबाज हैं।

भारत का यह एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के मामले में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हो गया है।

 

विकास कृष्ण यादव

विकास कृष्ण यादव का जन्म 10 फरवरी 1992 को हरियाणा के भिवानी जिले में हुआ। 26 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव जिन्होंने जकार्ता में एशियन गेम्स 2018 में 75 किलोग्राम वेट की कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। वे गोल्ड मेडल जीत सकते थे, लेकिन क्वार्टर फाइनल में विकास को बाई पलक पर चोट लगने के कारण सेमीफाइनल खेलने से अयोग्य करार दिया गया है।

ग्वांग्झू में 2010 में लाइटवेट 60 किग्रा में गोल्ड जीता था । इसके बाद 2014 में इंचियोन में मिडिलवेट में ब्रॉन्ज मेडल देश को दिलाया। उन्हें प्री क्वार्टर फाइनल में चोट लगी थी और क्वॉर्टर फाइनल में उनका घाव गंभीर हो गया।

 

घुड़सवारी

मेजर आशीष मालिक

आशीष मलिक हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। वर्ष 2009 में आशीष का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में चयन हुआ था। आशीष की मां उर्मिला देवी शिक्षा विभाग में डीपी के पद पर कार्यरत है और पिता शिक्षा विभाग से पिछले साल प्रवक्ता के पद से सेवानिवृत हुए हैं।

भारतीय सेना में मेजर आशीष मलिक ने जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में घुड़सवारी मुकाबलों में रजत पदक जीता। स्पर्धा के दौरान दो खिलाड़ियों के घोड़े नहीं ठिठकते तो देश की झोली में स्वर्ण पदक होता।

 

हॉकी

भारतीय हॉकी महिला टीम ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीता। हरियाणा के इन खिलाडिओं ने किया बेहतरीन प्रदर्शन

रानी रामपाल

रानी रामपाल भारतीय हॉकी की ‘रानी’ कहलाती हैं। रानी का जन्म हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में शाहबाद मार्कंडा में 4 दिसंबर 1994 को हुआ था। उसके पिता गाड़ी-खींचने का काम करते हैं।

2010 विश्व कप में भाग लेने वाली भारतीय हॉकी टीम की वे सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं। रानी ने 14 साल की उम्र में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला। इसके बाद 2010 में 15 की उम्र में वो महिला विश्व कप में सबसे युवा खिलाड़ी बनी। 2009 में एशिया कप के दौरान भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 2010 के राष्ट्रमंडल खेल और 2010 के एशियाई खेल के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा थीं। 2013 में जूनियर महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता जो कि विश्व कप हॉकी प्रतिस्पर्धा में 38 साल बाद भारत का पहला कोई मेडल है। इस जीत का श्रेय रानी रामपाल और मनजित कौर का है। वह आमतौर पर सेंटर फॉरवर्ड पर खेलती हैं । वहीं इस बार एशिया गेम्स में खेलकर भारतीय टीम हॉकी को रजत पदक जिताया।

 

नवजोत कौर

उनका जन्म हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुआ था। उसके पिता एक मैकेनिक हैं और उनकी मां घर बनाने वाली है। नवजोत कौर भारत की फ़ील्ड हॉकी में 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली महिला खिलाड़ी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के चौथे टेस्ट मैच में शुक्रवार को नवजोत ने यह उपलब्धि हासिल की। साल 2012 में न्यूजीलैंड के ही खिलाफ खेली गई श्रृंखला में नवजोत ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर की शुरुआत की थी।

इस बार एशिया गेम्स में खेलकर भारतीय टीम हॉकी को रजत पदक जिताया।

 

सविता पुनिया

सविता सिरसा जिले के गांव जोधकां में 11 जुलाई 1990 को पैदा हुई। पिता महेंद्र पूनिया फार्मासिस्ट हैं। मां लीलावती हाउसवाइफ हैं तो भाई भविष्य बी-टैक के बाद कंप्यूटर शॉप चला रहा है।

 

मोनिका मालिक

ये भारतीय फील्ड हॉकी खिलाड़ी हैं। जिन्होंने 2014एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थी। साथ ही मोनिका भारतीय रेलवे में नियोजित है।

 

नवनीत कौर

नवनीत एशियाई कप में जापान की टीम के खिलाफ हैट्रिक लगा चुकी है।हरियाणा की इन सभी खिलाडियों ने रजत पदक जीता और पुरे देश का नाम रोशन किया।

 

पुरुषों की हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता । पूल बी के मैच में हांगकांग चीन के खिलाफ भारतीय टीम ने हर दो मिनट में लगभग एक गोल किया, एसा करके भारतीय टीम ने 86 वर्षीय रिकॉर्ड तोड़ दिया, इससे पहले टीम ने 1932 ओलंपिक में संयुक्त राज्य अमेरिका पर 24-1 से जीत दर्ज की थी । टीम की जीत में हरियाणा के ये खिलाडिओं का रहा अहम योगदान

सुरेंद्र पालड़

कुरुक्षेत्र के रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी 27 वर्षीय है। सुरेंद्र एक छोटे से किसान मलखान सिंह के बेटे है और मात्र 6 साल की उम्र में हॉकी जीवन की शुरुआत की।

सरदारा सिंह

15 जुलाई 1986 सिरसा में जन्मे भारत के फिल्ड हॉकी खिलाड़ी सरदारा सिंह मिडफील्डर के स्थान पर खेलते हैं। भारत सरकार ने 2012 में सरदार को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। 2008 के अजलनशाह टूर्नामेंट में पहली बार टीम का नेतृत्व करके देश के सबसे युवा हॉकी कप्तान बन गए। वर्तमान में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हैं।और जाकर्ता में हुए एशियन खेलों में खेल कर भारत को कांस्य पदक जिताया।

 

नौकायन (Sailing)

दुष्यंत चौहान

झज्जर के दुष्यंत चौहान ने नौकायन में देश को कांस्य पदक जिताया ।बता दें, कि खेल के दौरान दुष्यंत के शरीर में पानी की कमी हो गयी थी। उन्हें काफी सर्दी और जुखाम भी था। जिससे उन्होंने सुबह से लेकर बस दो ब्रेड और एक सेब ही खाया था।इसे लेकर उनकी रेस पर असर पड़ा और अंत में उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा।

 

डिसकस थ्रो (Discuss throw)

सीमा पुनिया

27 जुलाई 1983 सोनीपत के गांव खेवड़ा में जन्मी सीमा पुनिया ने देश को डिसकस थ्रो में कांस्य पदक जिताया। सीमा पुनिया गोल्डन गर्ल के नाम से भी जानी जाती हैं। 19 वर्ष की आयु में सीमा ने अपना खेल का करियर शुरू कर दिया था।

 

कबड्डी (kabaddi)

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने पाकिस्तान को हराकर कांस्य पदक जीता। अजय ठाकुर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान हैं। सेमी फाइनल मैच में भारत ईरान से हार गया था। भारतीय टीम की जीत में हरियाणा के इन खिलाडिओं की रही अहम भूमिका

प्रदीप नरवाल

गोहाना के रिंढ़ाणा निवासी प्रदीप नरवाल निरवाल कबड्डी अकादमी में खेलते हैं साथ ही एशिया गेम्स में खेलकर कांस्य पदक जीता और देश का नाम रोशन किया इनका सबसे घातक हथियार डुबकी हैं इसलिए इन्हे डुबकी किंग के नाम से भी जाना जाता है।प्रदीप कबड्डी लीग में सीजन-5 में पटना पायरेट्स के कप्तान हैं ।इनका जन्म 16 फरवरी 1997 में हुआ था।

संदीप नरवाल

गोहाना के गांव कथूरा में जन्मे संदीप नरवाल एक अध्भुत और बेहतरीन खिलाड़ी हैं। संदीप ने 22 साल की उम्र में प्रो कबड्डी लीग में शानदार चौतरफा प्रदर्शन के साथ कबड्डी की दुनिया में कदम रखा था साथ ही एशिया खेलों में संदीप ने कांस्य पदक जीता।

दीपक निवास हुड्डा

गांव चमरिया के रहने वाले दीपक निवास हुड्डा ने इस बार देश को कांस्य पदक दिलाया। 2016 में गोहावटी में साउथ एशिया मुकाबले में देश को दीपक ने गोल्ड दिलाया था। इन्होंने प्रो कबड्डी लीग के पहले तीन सत्रों में भी हिस्सा लिया है।

नरेंद्र ग्रेवाल

हिसार जिले के गांव सातरोड़ के नरेंद्र ग्रेवाल ने इस बार देश को कांस्य पदक से जिताया। नरेंद्र वुशू के खिलाड़ी हैं।

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